April 21, 2021

NewsBag

never leave a baggage of news

लोकसभा में पारित राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन संशोधन विधेयक होने के बाद आप का रोष जाने क्या बदल जायेगा इससे दिल्ली के लिए , जानें क्या हैं इसके मायने…

लोकसभा में पारित  राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन संशोधन विधेयक होने के बाद आप का रोष जाने क्या बदल जायेगा इससे दिल्ली के लिए , जानें क्या हैं इसके मायने…

लोकसभा में पारित राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन संशोधन विधेयक

लोकसभा में पारित राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन संशोधन विधेयक
लोकसभा में पारित  राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन संशोधन विधेयक
national Capital Territory of Delhi

लोकसभा ने राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक (National Capital Territory of Delhi (Amendment) Bill) 2021 को सोमवार को पारित कर दिया . इसमें दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) की कुछ भूमिकाओं और अधिकारों को निहित किया है . निचले सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, ‘संविधान के अनुसार दिल्ली विधानसभा से युक्त सीमित अधिकारों वाला एक केंद्रशासित राज्य है. उच्चतम न्यायालय ने भी अपने फैसले में कहा है कि यह केंद्रशासित राज्य है. सभी संशोधन न्यायालय के निर्णय के अनुरूप हैं

उन्होंने कहा कि कुछ स्पष्टताओं के लिए यह विधेयक लाया गया है, जिससे दिल्ली को फायदा होगा और पारदर्शिता आयेगी. उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं लाया गया जबकि पूर्णता तकनीकी कारणों से लाया गया है ताकि भ्रम की स्थिति नहीं रहे. मंत्री के जवाब के बाद लोकसभा ने ध्वनिमत से राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक 2021 को मंजूरी प्रदान कर दी

उन्होंने कहा कि इस विधेयक के जरिये दिल्ली की चुनी हुयी सरकार से कोई अधिकार नहीं छीना जा रहा है. पहले से ही स्पष्ट है कि राष्ट्रपति केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासक के रूप में दिल्ली के उपराज्यपाल को नियुक्त करते हैं. अगर कोई मतभेद की स्थित हो तब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है . विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों के अनुसार, इस विधेयक में दिल्ली विधानसभा में पारित विधान के परिप्रेक्ष्य में ‘सरकार’ का आशय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल से होगा

हालाँकि कुछ देर बाद इस विषय पर बोलते हुए आप के सांसद श्री बहगवांत मान ने इसे दिल्ली के लोगो से किये बीजेपी के वयोवृद्ध अडवाणी
जी की कही हुयी बात को दोहराया की दिल्ली पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए , साथ ही बीजेपी को हारने का इतना अफ़सोस हुआ की अब विरोधियों को सरकार में रहने न दे इसके लिए वह ९० फीशडि से ज्यादा सरकार को निशाना बना रही है , गौरतलब बात यह है की अब विधान बनाने की विधि में स्पष्टता लुएटिनेंट गोवेनेर के सहमति के बिना है जो अपने आप में विवादित प्रश्न रहा है। … आप अपनी राय निचे देi

%d bloggers like this: